स्मृतिसागर रस के फायदे, उपयोग तथा नुकसान | smritisagar ras ke fayde in hindi

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स्मृतिसागर रस के फायदे : स्मृतिसागर रस का उपयोग मस्तिष्क के विकारों में होता है. मस्तिष्क के कैसे भी विकार हों, स्मृतिसागर रस सभी में काम करता है. आईये इस लेख में जानते हैं स्मृति सागर रस के फायदे (smritisagar ras ke fayde in hindi), उपयोग तथा नुकसान के बारे में

स्मृतिसागर रस के उपयोग

स्मृतिसागर रस का मुख्य उपयोग मस्तिष्क के रोगों में होता है. स्मृतिसागर रस में शुद्ध पारा, गंधक, आदि होते हैं जो दिमाग की कमजोरी में अत्यधिक लाभ करते हैं.

कई बार कई कारणों जैसे पेट ख़राब होने, असंयमित दिनचर्या या अत्यधिक तनाव से मस्तिष्क में कई प्रकार के रोग हो जाते हैं. दुःख, ईर्ष्या, तनाव, भय आदि बढ़कर मस्तिष्क के असाध्य रोग जैसे हिस्टीरिया का रूप धारण कर लेते हैं. मस्तिष्क के रोगों में रोगी अपनी याददाश्त भूलने लगता है, चिडचिडा रहने लगता है. उसको भूख लगनी बंद हो जाती है. चित्त चंचल हो जाता है. कभी कभी कोई रोगी पागलपन की स्थिति में भी पहुँच जाता है. उस दशा में स्मृतिसागर रस का उपयोग किया जाता है.

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कुछ लोग अत्यधिक नशा करते हैं, अत्यधिक स्त्री संसर्ग करते हैं. ऐसे लोगों को भी मस्तिष्क के रोग हो जाते हैं. ऐसे रोगियों के लिए स्मृतिसागर रस का उपयोग कारगर है.

महिलाओं में मस्तिष्क के रोग अधिक पाए जाते हैं. इसके कई कारण हैं. घरेलू हिंसा, स्त्री प्रताड़ना, अनियमित मासिक स्राव, सम्भोग इच्छा की तृप्ति न होने से बढ़ी गर्मी इत्यादि. ऐसी महिला रोगियों के लिए भी स्मृतिसागर रस का सेवन बहुत उपयोगी है.

स्मृतिसागर रस के फायदे

स्मृतिसागर रस के फायदे

  • मस्तिष्क की कमजोरी से होने वाले रोगों जैसे बेहोशी, गुस्सा, चिडचिडापन, भ्रम, याददाश्त की कमी में स्मृतिसागर रस को लेने से बहुत लाभ होता है.
  • किसी काम में मन न लगना, मन एकाग्र न होना, नींद न आने की स्थिति में भी स्मृतिसागर रस लेने से लाभ होता है.
  • हिस्टीरिया के रोग में स्मृतिसागर रस का सेवन रामबाण का काम करता है.
  • लकवा या अत्यधिक वायु के प्रकोप से किसी अंग में शिथिलता आ जाये तो स्मृतिसागर रस के उपयोग से वातवाहिनी नाडी की दुर्बलता दूर हो जाती है और सम्बंधित अंग ठीक हो जाता है.
  • कभी-कभी कफ अधिक बनने के कारण स्मृति में कमी आ जाती है. ऐसे रोगियों के लिए स्मृतिसागर रस का उपयोग लाभदायक होता है.
  • अत्यधिक तनाव, भय, लीवर की कमजोरी की अवस्था में अधिक पित्त बनने लगता है. ऐसी स्थिति में स्मृतिसागर रस को स्वर्णमाक्षिक भस्म और प्रवालपिष्टी के साथ मिश्री मिलाकर देने से अत्यधिक लाभ होता है.

स्मृतिसागर रस के नुकसान

स्मृतिसागर रस शुद्ध आयुर्वेदिक औषधि है. इस औषधि को लेने से कोई नुकसान नहीं होता. इसको 1-1 गोली सुअभ शाम घी के साथ मिलाकर दें. इस औषधि को लेने से पहले किसी योग्य वैद्य से परामर्श अवश्य लें.

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