बस्ती क्रिया (Basti kriya) | बस्ती पंचकर्म के फायदे | benefits of colonic irrigation

रबर की नलकी गुदा द्वार में प्रवेश करा कर औषधियों से मल संग्रहणी (colon) की सफाई (colonic irrigation) को बस्ती क्रिया और बस्ती पंचकर्म कहते हैं. बस्ती क्रिया (Basti Kriya) यौगिक एनीमा का दूसरा नाम है. इस लेख में हम बस्ती क्रिया और बस्ती पंचकर्म के फायदे के बारे में विस्तार से जानेंगे.

बस्ती क्रिया (colonic irrigation) की आवश्यकता क्यों

आज विज्ञान बड़ी तेजी से इस बात का अनुसन्धान कर रहा है कि दुनिया में फ़ैल रही महामारियों का मूल कारण क्या है. इस खोज की प्रक्रिया में विज्ञान ने पर्यावरण के प्रदूषण, उसमें फैलने वाले रोगाणु तथा मानव शरीर में मौजूद हानिकारक रोगाणुओं को खोज निकाला है.

रोगाणुओं की खोज के साथ ही उन रोगाणुओं की प्रतिरोधक प्रणाली भी विकसित हो गयी. लेकिन विज्ञान ने सभी तरह के रोगाणुओं के लिए अलग-अलग तरह की चिकित्सा प्रणाली की खोज की. क्योंकि विज्ञान की समझ में चेचक के वायरस अलग हैं, डेंगू के अलग, पोलियो के लिए अलग, टिटनस, मलेरिया आदि के लिए अलग वायरस हैं.

विज्ञान की गलती का यह परिणाम हुआ कि पुराने वायरस को पूरी तरह ख़त्म करने से पहले कई प्रकार ने नए वायरस अस्तित्व में आ जाते हैं.

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आयुर्वेद के अनुसार शरीर में पड़ा हुआ मल या बिन अवशोषित हुए पदार्थ ही सभी तरह की बीमारियों का कारण बनते हैं. इसी मल की वजह से मानव शरीर रोगाणुओं और वायरस का शिकार बनता है. क्योंकि शरीर में जहाँ गन्दगी सड़ेगी, उसमें वैसे ही कीटाणु उत्पन्न हो जायेंगे.

शरीर के इसी मल या बिना अवशोषित हुए पदार्थों को बाहर निकालने के लिए बस्ती क्रिया या बस्ती पंचकर्म (colonic irrigation) की आवश्यकता होती है.

बस्ती क्रिया (basti kriya) कैसे करें | बस्ती क्रिया की विधि

जैसा कि ऊपर बताया गया है कि शरीर में कोई रोग तब बढ़ता है, जब शरीर में लगातार मल और बिना अवशोषित किये हुए पदार्थ इकठ्ठा होते रहते हैं, और उस मल में लगातार कीटाणु पैदा होते रहते हैं.

ऐसे में उस मल को शरीर से बाहर निकालना आवश्यक हो जाता है. शरीर में मल संग्रहणी (colon) में इकठ्ठा होता है. इसलिए colon की सफाई (colonic irrigation) की प्रक्रिया अपनाई जाती है.

बस्ती क्रिया कितने प्रकार की होती है (basti kriya kitne prakar ki hoti hai)

बस्ती क्रिया के कई प्रकार है. उनमें से कुछ निम्न हैं –

उड्डीयान बंध और नौली क्रिया द्वारा बस्ती

बस्ती क्रिया को करने से पहले सबसे पहले रोगी को उड्डीयान बंध और नौली क्रिया का अभ्यास कराया जाता है. प्रकार की बस्ती में रोगी घुटनों तक जल में उकडू बैठ जाता है. इसके बाद उड्डीयान बंध के द्वारा गुदा द्वारा पानी अन्दर खींचा जाता है.

यह क्रिया कई बार की जाती है. इससे पानी गुदा द्वारा अन्दर जाता रहता है. यह पानी कुछ देर बाद दस्तों के माध्यम से बाहर निकल जाता है. साथ में colon में उपस्थित सड़े हुए मल को बाहर धकेल देता है.

Basti Kriya By self

यन्त्र (colonic irrigation device) द्वारा बस्ती

इस प्रकार की बस्ती में एक यन्त्र (colonic irrigation device) द्वारा औषधि युक्त पानी या तेल गुदा के माध्यम से संग्रहणी (colon) में भेजा जाता है.

यदि colonic irrigation device द्वारा पानी से बस्ती क्रिया हो रही है तो पानी इतनी मात्रा में देना होता है कि बस्ती क्रिया करते हुए ही पानी गुदा द्वार से बाहर निकलने लगे, तथा अपने साथ अन्दर से गंदगी भी लाने लगे.

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यदि तेल द्वारा बस्ती क्रिया हो रही है, तो 25 से 100 मिली तेल गुदा द्वार से अन्दर भेजा जाता है, जो लगभग 8-10 घंटे पेट के अन्दर रहता है. यह प्रक्रिया रोगी स्वयं भी कर सकते हैं. लेकिन उसके लिए पहले किसी योग्य प्राकृतिक चिकित्सक से उचित प्रशिक्षण ले लेना चाहिए.

Basti Kriya Instrument

बस्ती क्रिया के फायदे | Benefits of Colonic Irrigation

  • बस्ती क्रिया (Colonic Irrigation) का सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि इससे पुराने से पुराना कब्ज़ भी ख़त्म हो जाता है.
  • बस्ती क्रिया से पेट की बड़ी आंत यानी बस्ती भाग का तापमान कम होने से ऊपर की गैस नीचे सरकती है.
  • पेट साफ़ होने और गैस ख़त्म होने से खाने का पाचन ठीक होता है और शरीर में शक्ति बढती है.
  • अपान वायु सरलतापूर्वक और स्वाभाविक रूप से बाहर निकल जाती है, जिससे हाई बीपी, ह्रदय रोग, तनाव, अनिद्रा, सिरदर्द, आँखों की रौशनी कम होना, नजला, खट्टे डकार आदि रोग तेजी से ठीक होते हैं.
  • बस्ती क्रिया से पेशाब खुलकर आने लगता है, जिससे गुर्दे जल्दी साफ़ होते हैं.
  • संग्रहणी की सफाई के साथ ही पुरुषों और महिलाओं के यौन रोग ठीक होने लगते हैं. इन रोगों में धातु क्षीणता, शीघ्रपतन, स्वप्नदोष, शुक्रमेह, प्रमेह, प्रदर, नपुंसकता, बाँझपन आदि रोग बिलकुल ठीक होते हैं.
  • उपरोक्त रोग ठीक होकर पुरुषों में धातु, वीर्य बलवान और शीतल होकर ऊपर की और गति करता है.
  • मोटापा तेजी से दूर होता है.
  • इम्युनिटी बढ़ जाती है.

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