what herbs detox the body | पेट साफ करने के घरेलू नुस्खे

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पेट साफ करने के घरेलू नुस्खे : भारत में प्राचीन समय से औषधियों द्वारा शरीर का शोधन (शरीर की आतंरिक सफाई) की जाती है. आजकल 99 प्रतिशत लोगों में पेट साफ़ न होने की शिकायत होती है. पेट की सफाई न हो पाने के कारण शरीर में विभिन्न प्रकार के हानिकारक तत्त्व इकट्ठे हो जाते हैं. ये हानिकारक तत्व तरह-तरह की बीमारियों का कारण बनते हैं. जैसे मौसमी बुखार, चर्म रोग, मोटापा, ब्लड प्रेशर, डाईबिटीज़, अस्थमा, आर्थराइटिस, इम्युनिटी कम होना इत्यादि. अगर शरीर से उन हानिकारक तत्त्वों को बाहर निकाल दिया जाये, तो ये बीमारियाँ स्वतः ही ठीक हो जाती हैं.

किन किन औषधियों से शरीर की आतंरिक सफाई होती है what herbs detox the body | पेट साफ करने के घरेलू नुस्खे

हम सब लोग शरीर को बाहर से तो साफ़ करते हैं, लेकिन अन्दर से साफ़ करना भूल जाते हैं. हमें समय समय पर अन्दर से भी अपने शरीर की सफाई करते रहना चाहिए. शरीर की आतंरिक सफाई में पेट की सफाई, पेट के कीड़ों की सफाई, आंतों की सफाई व खून की सफाई शामिल है. शरीर की आतंरिक सफाई के लिए कई प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियां प्रयुक्त होती हैं. यहां हम ऐसे पेट साफ करने के घरेलू नुस्खों का प्रयोग बता रहे हैं, जो आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं.

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पेट साफ करने के घरेलू नुस्खे

शरीर से हानिकारक तत्व बाहर निकालने के लिए सबसे पहले पेट साफ़ होना आवश्यक है. पेट में बहुत सारा अनावश्यक मल इकठ्ठा हो जाता है, जो शरीर में इन्फेक्शन का कारण बनता है. पेट साफ करने के बहुत सारे घरेलू नुस्खे हैं. कुछ घरेलू नुस्खे नीचे दिए जा रहे हैं-

  • पेट में जमा मल को बाहर निकालने के लिए त्रिफला सर्वोत्तम औषधि है. त्रिफला में हड़, बहेड़ा और आंवला होते हैं. यह सुबह खाली पेट ठन्डे पानी से लेने पर पोषक होता है, और रात में गुनगुने पाने के साथ लेने पर रेचक होता है, यानि कि पेट की सफाई करता है.  केवल बड़ी हरड़ का चूर्ण लेने से भी पेट साफ रहता है.

बड़ी हरड

बड़ी हरड़ का प्रयोग पूरे साल भर कर सकते हैं. इसके लिए इसके निम्न अलग-अलग योग हैं

  1. अप्रैल-मई (चैत्र-वैशाख) – 2 से 3 ग्राम बड़ी हरड़ का चूर्ण 10 ग्राम शहद के साथ
  2. जून-जुलाई (ज्येष्ठ-आषाढ़) –  2 से 3 ग्राम बड़ी हरड़ का चूर्ण 10 ग्राम गुड के साथ
  3.  अगस्त-सितम्बर (श्रावण-भादों) – 2 से 3 ग्राम बड़ी हरड़ का चूर्ण 1 से 2 ग्राम सेंधा नमक के साथ
  4.  अक्टूबर-नवम्बर (आश्विन-कार्तिक) – 2 से 3 ग्राम बड़ी हरड़ का चूर्ण 10-20 ग्राम मिश्री के साथ
  5. दिसंबर-जनवरी (मार्गशीर्ष-पौष) – 2 से 3 ग्राम बड़ी हरड़ का चूर्ण 2 से 3 ग्राम पीपल के चूर्ण के साथ
  6. फरवरी-मार्च (माघ-फाल्गुन) – 2 से 3 ग्राम बड़ी हरड़ का चूर्ण 2 से 3 ग्राम सौंठ के चूर्ण के साथ
  • 5-7 छोटी हरड़, 50 ग्राम अजवायन, 50 ग्राम सौंफ, 50 ग्राम जीरा, 5 ग्राम शुद्ध हींग और 10 ग्राम (या स्वादानुसार) नमक को मिलाकर पीसकर चूर्ण बना लें.  रात को सोते समय 8-10 ग्राम चूर्ण को 2 कप गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से पेट अच्छी तरह साफ़ होता है .
  • गुलाब के फूल की सूखी पंखुडियां 10 ग्राम, सेंधा नमक 10 ग्राम, बड़ी हरड़ 10 ग्राम, सौंफ 10 ग्राम, सनाय की पत्ती 40 ग्राम को लेकर अच्छी तरह पीसकर इनका चूर्ण बना लें. इस चूर्ण को 5-6 ग्राम की मात्रा में रात को सोते समय गरम पानी से लेने से पेट अच्छी तरह साफ़ होता है.
  •  6 सनाय की फली आधे गिलास पानी में रात को भिगो दें. सुबह खाली पेट उसका पानी पीने से पेट अच्छी तरह साफ़ होता है.
  • पीपल 10 ग्राम, काली मिर्च 10 ग्राम और सौंठ 10 ग्राम लेकर बारीक पीस लें. रात को सोते समय 3 से 4 ग्राम चूर्ण दूध के साथ लेने से पेट अच्छी तरह साफ़ होता है.
  • पीपल 15 ग्राम, काली मिर्च 15 ग्राम और सौंठ 15 ग्राम लें. तीनों को मिलाकर चूर्ण बना लें. रात को सोते समय 4 से 5 ग्राम दूध के साथ लेने से पेट साफ़ रहता है.
  • पेट में मरोड़ होने पर आधी भुनी सौंफ 30 ग्राम लेकर उसको पीस कर उसमें मिश्री मिलाकर दिन में 2 से 3 बार गरम पानी से लें.

शरीर की खुश्की दूर करने के लिए प्रयोग

लम्बे समय तक अन्दर से शरीर की सफाई न होने के कारण शरीर में खुश्की पैदा होने लगती है. शरीर की अन्दर से सफाई करने के बाद शरीर की खुश्की दूर करना आवश्यक है. शरीर की खुश्की दूर करने के लिए कुछ प्रयोग नीचे दिए गए हैं –

  • 15 बादाम की गिरी, 10 काली मिर्च, 5 ग्राम सौंफ, 5 ग्राम गुलाब के फूल, 5 ग्राम कासनी के पत्ते, 5 ग्राम बनफ्शा के फूल, 2-3 ग्राम बड़ी इलायची के दाने लें. सबको मिलकर पीस लें औए चूर्ण बना लें. इस चूर्ण में आवश्यकतानुसार मिश्री का चूर्ण मिला लें. गर्मी में इसको ताजे पानी में शरबत बनाकर पीने से शरीर की की गर्मी दूर होती है, तथा खुश्की भी ख़त्म होती है. सर्दी में थोड़े घी का इस चूर्ण में छौंक लगा लें औए रात को सोते समय गरम दूध के साथ लें. इसके सेवन से शरीर में गर्मी आएगी तथा शरीर की खुश्की दूर होगी. इसके प्रयोग से त्वचा भी चमकदार होती है.

पेट के कीड़े की आयुर्वेदिक दवा

जब लम्बे समय तक पेट साफ नहीं होता, तब पेट में कीड़े पैदा हो जाते हैं. पेट में कीड़े होने पर तरह तरह के रोग जैसे त्वचा के रोग होने लगते हैं. अतः पेट के कीड़ों को भी समय समय पर साफ़ करना ठीक रहता है. इसके लिए आयुर्वेद में कई इलाज हैं. उनमें से कुछ नीचे दिए गए हैं –

  • आडू, अनार और नीम के पत्तों को या केवल आड़ू के पत्तों को पीसकर खिलाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं.
  • विडंग का चूर्ण 5 ग्राम शहद के साथ रात को सोते समय लेने पर पेट के कीड़े मर जाते हैं.

यदि इस विषय में आपका कोई प्रश्न हो तो इस लिंक पर क्लिक करके या नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं.

 

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5 thoughts on “what herbs detox the body | पेट साफ करने के घरेलू नुस्खे

  1. बहुत ही परोपकारी कार्य है।
    इसमें दी हुई जानकारी की प्रस्तुति काबिले तारीफ है।
    पोस्ट करने वालों को बहुत-बहुत धन्यवाद

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